संस्कृत के बारे में ये 20 तथ्य जानकर आपको भारतीय होने पर गर्व होगा

  • 2016-02-14 07:30:20.0
  • अमन आर्य

किसी मंदिर या गुरुकुल के पास से गुजरते हुए आपने संस्कृत के श्लोक या मंत्र तो अवश्य ही सुने होंगे. इन मन्त्रों और श्लोकों से बचपन में ही हमारा रिश्ता टूट चुका है पर फिर भी आज ये श्लोक कभी-कभी सुनाई दे ही जाते हैं. संस्कृत विश्व की सबसे प्राचीन भाषा है लेकिन वर्तमान में विलुप्त होने की कगार पर है..

2001 में संस्कृत बोलने वाले लोगो की संख्या सिर्फ 14135 थी।

दुनिया जहाँ संस्कृत की महिमा समझकर संस्कृत सीखना चाह रही है स्कूल कॉलेज यूनिवर्सिटीज के पाठ्यक्रम में संस्कृत को जोड़ा जा रहा है वही भारत इस दिशा में कोई खास कदम नही उठा रहा है।

आज हम आपको संस्कृत के बारे में कुछ ऐसे तथ्य बता रहे हैं, जो किसी भी भारतीय का सर गर्व से ऊंचा कर देंगे

1.संस्कृत को सभी भाषाओं की जननी माना जाता है।

2.संस्कृत उत्तराखंड की आधिकारिक भाषा है।sanskrit

3.अरब लोगो की दखलंदाजी से पहले संस्कृत भारत की राष्ट्रीय भाषा थी।

4.NASA के मुताबिक, संस्कृत धरती पर बोली जाने वाली सबसे स्पष्ट भाषा है।

5.संस्कृत में दुनिया की किसी भी भाषा से ज्यादा शब्द है वर्तमान में संस्कृत के शब्दकोष में 102 अरब 78 करोड़ 50 लाख शब्द है।

6.संस्कृत किसी भी विषय के लिए एक अद्भुत खजाना है। जैसे हाथी के लिए ही संस्कृत में 100 से ज्यादा शब्द है।

7.NASA के पास संस्कृत में ताड़पत्रो पर लिखी 60,000 पांडुलिपियां है जिन पर नासा रिसर्च कर रहा है।

8.फ़ोबर्स मैगज़ीन ने जुलाई,1987 में संस्कृत को Computer software के लिए सबसे बेहतर भाषा माना था।

9.किसी और भाषा के मुकाबले संस्कृत में सबसे कम शब्दो में वाक्य पूरा हो जाता है।

10.संस्कृत दुनिया की अकेली ऐसी भाषा है जिसे बोलने में जीभ की सभी मांसपेशियो का इस्तेमाल होता है।

11.अमेरिकन हिंदु युनिवर्सिटी के अनुसार संस्कृत में बात करने वाला मनुष्य बीपी, मधुमेह, कोलेस्ट्रॉल आदि रोग से मुक्त हो जाएगा. संस्कृत में बात करने से मानव शरीरका तंत्रिका तंत्र सक्रिय रहता है जिससे कि व्यक्ति का शरीर सकारात्मक आवेश (Positive Charges) के साथ सक्रिय हो जाता है।

12.संस्कृत स्पीच थेरेपी में भी मददगार है यह एकाग्रता को बढ़ाती है।

13.कर्नाटक के मुत्तुर गांव के लोग केवल संस्कृत में ही बात करते है।

14.सुधर्मा संस्कृत का पहला अखबार था, जो 1970 में शुरू हुआ था। आज भी इसका ऑनलाइन संस्करण उपलब्ध है।

15.जर्मनी में बड़ी संख्या में संस्कृतभाषियो की मांग है। जर्मनी की 14 यूनिवर्सिटीज़ में संस्कृत पढ़ाई जाती है।

16.नासा के वैज्ञानिकों के अनुसार जब वो अंतरिक्ष ट्रैवलर्स को मैसेज भेजते थे तोउनके वाक्य उलट हो जाते थे. इस वजह से मैसेज का अर्थ ही बदल जाता था. उन्होंले कई भाषाओं का प्रयोग किया लेकिन हर बार यही समस्या आई. आखिर में उन्होंने संस्कृत में मैसेज भेजा क्योंकि संस्कृत के वाक्य उल्टे हो जाने पर भी अपना अर्थ नही बदलते हैं।

जैसे

अहम् विद्यालयं गच्छति।


विद्यालयं गच्छति अहम।

गच्छति अहम् विद्यालयं ।

उक्त तीनो के अर्थ में कोई अंतर नहीं है।

आपको जानकर हैरानी होगी कि Computer द्वारा गणित के सवालो को हल करने वाली विधि यानि Algorithms संस्कृत में बने है ना कि अंग्रेजी में।

नासा के वैज्ञानिको द्वारा बनाए जा रहे और जेनरेशन Super Computer संस्कृतभाषा पर आधारित होंगे जो 2034 तक बनकर तैयार हो जाएंगे।

संस्कृत सीखने से दिमाग तेज हो जाता है और याद करने की शक्ति बढ़ जाती है। इसलिए London Ireland के कई स्कूलो में संस्कृत को Compulsory subject बना दिया है।

इस समय दुनिया के 17 से ज्यादा देशो की कम से कम एक University में तकनीकी शिक्षा के कोर्सेस में संस्कृत पढ़ाई जाती है।

अमन आर्य ( 359 )

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