पीएम मोदी का नोएडा आगमन

  • 2015-12-29 02:32:59.0
  • राकेश कुमार आर्य

देश में यूं तो चारों ओर ही सडक़ों की और राष्ट्रीय राजमार्गों की स्थिति में दिन प्रतिदिन सुधार होता जा रहा है, क्योंकि पिछले पंद्रह सोलह वर्ष में सरकारों ने इस ओर विशेष ध्यान दिया है। भाजपा के अटल बिहारी वाजपेयी जब पहली बार प्रधानमंत्री बने थे तो उन्होंने स्वर्णिम चतुर्भज सडक़ परियोजना का एक स्वर्णिम सपना देखा और उसे व्यवहार में उतारने के लिए प्रशंसनीय कार्य किया। एक अच्छी योजना खोजी गयी और टोलटैक्स के माध्यम से ऐसे आर्थिक संसाधन तैयार किये गये जिनसे सडक़ों पर प्रतिदिन एक भारी भरकम धनराशि खर्च करने में देश समर्थ हो गया। तब से लेकर अब तक हम सडक़ों के बारे में और राष्ट्रीय राजमार्गों को लेकर काफी गंभीर दिखाई दिये हैं।

देश की सबसे पहली और सबसे पुरानी सडक़ जीटी रोड है, इसकी स्थिति बड़ी दयनीय थी, अटलजी एक बार चुनाव के समय यूपी में चुनावी सभाओं को संबोधित करते घूम रहे थे, तो उन्होंने उत्तर प्रदेश की सडक़ों और विशेषत: जीटी रोड को लेकर चुटकी ली थी, कि उत्तर प्रदेश में आकर यह पता नही चलता कि सडक़ में गड्ढे हैं या गड्ढों में सडक़ है। ऐसा ही एक और मजाक उस समय चलता था कि जब आप दिल्ली से यूपी के लिए चलें और आपको दिल्ली या हरियाणा की सडक़ों पर नींद आ जाए तो यह नींद आपकी गाड़ी की अचानक बढ़ी खनखनाहट के कारण जहां टूट जाए वहीं से समझो कि उत्तर प्रदेश की सीमाएं प्रारंभ हो गयीं हैं।
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पिछले कुछ समय में उत्तर प्रदेश की सडक़ों और विशेषत: यहां से निकलने वाले राजमार्गों की स्थिति में भारी परिवर्तन आया है। एन.एच.-24 को लेकर राजनीतिज्ञों ने अपनी चिंता अधिक दिखाई क्योंकि यह मार्ग उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को देश की राजधानी दिल्ली से जोड़ता है। इसलिए इस मार्ग का ऊंचीकरण और चौड़ीकरण का अभियान बड़ी तेजी से चला और अब यह बहुत अच्छी स्थिति में आ गया है।  अब देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 31 दिसंबर को अर्थात ईसाई नववर्ष 2016 की पूर्व संध्या पर प्रदेश को एक नया उपहार देने नोएडा पधार रहे हैं। नोएडावासी और जनपदवासी अपने प्रधानमंत्री की मेहमाननवाजी के लिए पलक पावड़े बिछाकर उनकी प्रतीक्षा कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रीय राजमार्ग (एन.एच.) 24 के चौड़ीकरण के अभियान को हरी झंडी देंगे।

ऐसे समय में क्षेत्र की जनता की ओर से हमारा प्रधानमंत्री मोदी से विनम्र निवेदन रहेगा कि (एन.एच.) 24 के चौड़ीकरण के साथ-साथ इसके दोनों ओर हुए अतिक्रमण को स्थाई रूप से समाप्त कराने के लिए भी विशेष प्रयास किये जाएं। यह ठीक है कि चौड़ीकरण के समय अतिक्रमण अपने आप हटेगा, पर यह भी सच है कि जैसे ही सडक़ बनकर तैयार हो जाएगी तो जहां जैसे जिसका दाव लगेगा वह फिर अतिक्रमण करेगा। अत: इसके लिए बहुत आवश्यक है कि ऐसी स्थाई व्यवस्था कर दी जाए कि जिससे अतिक्रमण करने वाले लोगों को ऐसा अवैधानिक कृत्य करने का अवसर ही न मिले। अतिक्रमण करने वाले लोग अपने आप तो मौज लेते हैं पर दूसरे लोगों को परेशान करते हैं, कई बार तो अतिक्रमण से सडक़ों पर स्थाई निर्माण हो जाता है और फिर सरकार उन्हें हटा नही पाती हैं, इससे सरकारों को नगर, कस्बों के बीच से सडक़ का चौड़ीकरण करना कठिन हो जाता है। तब बाईपास निकालकर उसपर मोटी रकम खर्च की जाती है। जिससे राष्ट्र की क्षति होती है। ऐसा हमने जीटी रोड के चौड़ीकरण और ऊंचीकरण के समय देखा है।

प्रधानमंत्री मोदी जिस स्थान पर आ रहे हैं यहां बेशक चाहे विकास ने कितनी ही इबारतें क्यों न लिख दीं हों, पर यहां के विषय में यह भी सत्य है कि यहां का मूल निवासी जो कि काश्तकार था, पूरी तरह उजाड़ दिया गया है। अधिकांश लोगों की स्थिति ऐसी बन गयी है कि जो इस आधुनिकतम शहर में अपनी संतान का पालन पोषण करने में अपने आपको असमर्थ पा रहे हैं। उनकी समस्याओं को सुनने के लिए किसी ऐसे संस्थान या आयोग का गठन किया जाना चाहिए जो पूर्णत: अराजनीतिक हो और जिस पर नोएडा विकास प्राधिकरण के किसी अधिकारी या स्थानीय अथवा प्रांतीय स्तर के किसी नेता का प्रभाव न हो। यदि ऐसी योजना और ऐसे किसी आयोग या संस्थान की घोषणा प्रधानमंत्री मोदी अपनी नोएडा की सभा में करते हैं तो नोएडावासियों के लिए और यहां के मूल निवासियों के लिए उनकी यह यात्रा यादगार बन जाएगी।