प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त: रामकृष्ण तिवारी

मनीष पाण्डेय फैजाबाद, विधुत समस्या, किसानो की समस्या, महिलाओं पर हो रहे  ताबड़तोड़ अपराध, गिरती कानून व्यवस्था तथा अन्य जन विरोधी नितियों के विरोध में भाजपा ने प्रदेश सरकार के विरूद्ध हजारों की संख्या में तहसील परिसर के सामनें एक दिवसीय धरना कर महामहिम राज्यपाल को सम्बोधित 11सूत्रीय ज्ञापन उपजिलाधिकारी सदर को प्रेषित किया । […]

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हड़बड़ी में कहीं गड़बड़ न हो जाये

पुण्‍य प्रसून वाजपेयी लहलहाती फसल हो या फिर परती जमीन। जबरदस्त बरसात के साथ शानदार उत्पादन हो या फिर मानसून धोखा दे जाये और किसान आसमान ही ताकता रह जाये। तो सरकार क्या करेगी या क्या कर सकती है। अगर बीते 10 बरस का सच देख लें तो हर उस सवाल का जबाव मिल सकता […]

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लोकतंत्र की ह्त्या के बाद लगी थी इमरजेंसी!!!

26 जून 1975… यही वो तारीख है जब भारतीय लोकतंत्र को 28 साल की भरी जवानी में इमरजेंसी के चाकू से हलाल कर दिया गया। ये चाकू किसी सैन्य जनरल के नहीं, प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के हाथ में था। 1971 में बांग्लादेश बनवाकर शोहरत के शिखर पर पहुंचीं इंदिरा को अब अपने खिलाफ उठी हर […]

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विद्यार्थियों का भविष्य बिगड़ने न पाये

राजीव गुप्‍ता विश्व प्रतिष्ठित दिल्ली विश्वविद्यालय में इन दिनों कोहराम मचा हुआ है. कहीं पर शिक्षक हडताल कर रहें हैं तो कही पर विद्यार्थी विजय जुलूस निकाल रहें हैं. इसी बीच दिल्ली विश्वविद्यालय के उपकुलपति के इस्तीफा देने की खबर भी आई परंतु उस खबर की पुष्टि नही हो पाई. दिल्ली विश्वविद्यालय में मचे इस […]

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जौ (BARLEY) का प्रयोग

आचार्य बालकृष्‍ण भारतवर्ष में अति प्राचीन काल से जौ का प्रयोग किया जाता रहा है | हमारे ऋषि मुनियों का प्रमुख आहार जौ ही था | प्राचीन वैदिक काल तथा आयुर्वेदीय निघण्टुओं एवं संहिताओं में इसका वर्णन प्राप्त होता है | भावप्रकाश निघण्टुमें तीन प्रकार के भेदों का वर्णन प्राप्त होता है |स्वाद एवं आकृति […]

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न्याय विभाग के प्रति सरकार की उपेक्षापूर्ण नीतियां

जागेन्द्र सिंह त्यागी(ए.सी.जे.एम./सिविल जज)प्रत्येक समाज में व्यक्तियों के आचार-विचार, आचरण व प्रवृत्तियों में अंतर होना स्वाभाविक है। समाज में कुछ व्यक्ति सजग होते हैं, जबकि दूसरे कुछ व्यक्ति इसके विपरीत अपने कत्र्तव्य पालन में अत्यधिक लापरवाह, मिथ्याभाषी तथा दुष्प्रवृत्ति वाले होते हैं। समाज में कुछ व्यक्ति आपराधिक प्रवृत्ति के होते हैं, तो कुछ लालची प्रकृति […]

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दूध न देती गाय भी है कमाई का साधन : स्वामी विश्वासानंद

अजय कुमार आर्यनोएडा। सुप्रसिद्घ गौ-भक्त और सन्यासी स्वामी विश्वासानंद का कहना है कि दूध न देती गाय भी हमारे लिए कमाई का अच्छा साधन बन सकती है। यहां सुदर्शन न्यूज चैनल के सुदर्शन गो संसद की बैठक में ‘उगता भारत’ के मुख्य संपादक राकेश कुमार आर्य के साथ उन्होंने विशेष बातचीत में बताया कि हम […]

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भाजपा की जनाधार वाली दलित महिला नेत्री कांग्रेस में शामिल

देहरादून से चन्द्रलशेखर जोशी की विशेष रिपोर्ट गर्दन की चोट के इलाज के लिये नयी दिल्ली स्थित एम्स में भर्ती उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भाजपा को धोबीपाट मारा और उसका एक महत्विपूर्ण स्तीम्भड ढहा दिया, एम्सउ में भर्ती ‘हरीश रावत के फार्मुला के सामने भाजपा लाचार साबित हुई, हरीश रावत ने अस्वस्थभता के […]

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उच्च शिक्षा को धंधे में बदलकर कौन सा पाठ पढ़ाए सरकार?

विश्व बाजार में भारत की उच्च शिक्षा है कमाई का जरिया पुण्‍य प्रसून वाजपेयी भारत की उच्च शिक्षा को दुनिया के खुले बाजार में लाने का पहला बड़ा प्रयास वाजपेयी की अगुवायी वाली एनडीए सरकार ने किया था। उस वक्त उच्च शिक्षा को डब्ल्यूटीओ और गैट्स के पटल पर रखा गया था और तभी पहली […]

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सवाल काबुल पर कब्‍जे का है

डॉ0 वेद प्रताप वैदिक पिछले दस-बारह दिनों में पाकिस्तान में काफी हंगामा होता रहा लेकिन उसके साथ-साथ मेरी बातचीत कई केंद्रीय मंत्रियों, सांसदों, पार्टी-नेताओं, राजदूतों और फौजी जनरलों से होती रही। पत्रकारों से तो लगातार संवाद बना ही रहता है। दो-तीन संस्थानों में मेरे भाषण भी हुए, जहां अंतरराष्ट्रीय राजनीति के कई जाने-माने विशेषज्ञ उपस्थित […]

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