अजीत डोभाल: नई चुनौती के नायक

  • 2016-10-03 04:30:13.0
  • राकेश कुमार आर्य

अजीत डोभाल: नई चुनौती के नायक

जिस समय देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का देहांत हुआ था, तो उस समय अटल बिहारी वाजपेयी ने उन्हें श्रद्घांजलि देते हुए कहा था कि-भारत माता की गोद खाली है-परंतु कोख खाली नही है, और यही बात भारत के बारे में आज भी लागू होती है। आज भारत के पास 'युद्घ का नेतृत्व' करने के लिए एक से बड़ा एक हीरा तैयार है। दूसरे शब्दों में तो आज मां भारती की न तो गोद खाली है और न ही कोख खाली है।

इस समय भारत के पास अजीत डोभाल नाम का एक हीरा है। वे भारत के ऐसे एकमात्र नागरिक हैं जिन्हें शांतिकाल में दिया जाने वाले दूसरे सबसे बड़े पुरस्कार कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है। वे केरल कैडर के 1968 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं, जो 1972 में भारतीय खुफिया एजेंसी आईबी से जुड़े। मूलत: उत्तराखंड के पौडी गढ़वाल से आने वाले अजीत डोभाल ने अजमेर मिलिट्री स्कूल से पढ़ाई की है और आगरा विवि से अर्थशास्त्र में एमएम किया है। डाभोल कई ऐसे खतरनाक कारनामों को अंजाम दे चुके हैं जिन्हें सुनकर जेम्स बांड के किस्से भी फीके लगते हैं। वर्तमान में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के पद पर आसीन अजीत कुमार डोभाल से बड़े-बड़े मंत्री भी सहमे रहते हैं।

भारतीय सेना द्वारा म्यनमार में सीमापार सर्जिकल स्ट्राइक के जरिए डोभाल ने भारत के शत्रुओं को सीधा और साफ संदेश दे दिया है कि अब भारत आक्रामक-रक्षात्मक रवैया अख्तियार कर चुका है।
भारतीय सेना के एक महत्वपूर्ण ऑपरेशन ब्ल्यू स्टार के दौरान उन्होंने एक गुप्तचर की भूमिका निभाई और भारतीय सुरक्षा बलों के लिए महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी उपलब्ध कराई जिसकी मदद से सैन्य ऑपरेशन सफल हो सका। इस दौरान उनकी भूमिका एक ऐसे पाकिस्तानी जासूस की थी, जिसने खालिस्तानियों का विश्वास जीत लिया था और उनकी तैयारियों की जानकारी मुहैया करवाई थी। जब 1999 में इंडियन एयरलाइंस की उड़ान आईसी-814 को काठमांडू से हाईजैक कर लिया गया था तब उन्हें भारत की ओर से मुख्य वार्ताकार बनाया गया था। बाद में, इस फ्लाइट को कंधार ले जाया गया था और यात्रियों को बंधक बना लिया गया था।

उन्होंने उग्रवादियों को ही शांतिरक्षक बनाकर उग्रवाद की धारा को मोड़ दिया था। उन्होंने एक प्रमुख भारत-विरोधी उग्रवादी कूका पारे को अपना सबसे बड़ा भेदिया बना लिया था। अस्सी के दशक में वे उत्तर पूर्व में भी सक्रिय रहे। उस समय ललडेंगा के नेतृत्व में मिजो नेशनल फ्रंट ने हिंसा और अशांति फैला रखी थी, लेकिन तब डोभाल ने ललडेंगा के सात में से छह कमांडरों का विश्वास जीत लिया था और इसका नतीजा यह हुआ था कि ललडेंगा को मजबूरी में भारत सरकार के साथ शांतिविराम का विकल्प अपना पड़ा था।

डोभाल ने वर्ष 1991 में खालिस्तान लिबरेशन फ्रंट द्वारा अपहरण किए गए रोमानियाई राजनयिक लिविउ राडू को बचाने की सफल योजना बनाई थी। डोभाल ने पूर्वोत्तर भारत में सेना पर हुए हमले के बाद सर्जिकल स्ट्राइक की योजना बनाई और भारतीय सेना ने सीमा पार म्यांमार में कार्रवाई कर उग्रवादियों को मार गिराया। भारतीय सेना ने म्यांमार की सेना और एनएससीएन खाप्लांग गुट के बागियों सहयोग से ऑपरेशन चलाया, जिसमें करीब 30 उग्रवादी मारे गए हैं।
डोभाल ने पाकिस्तान और ब्रिटेन में राजनयिक जिम्मेदारियां भी संभालीं और फिर करीब एक दशक तक खुफिया ब्यूरो की ऑपरेशन शाखा का लीड किया।

डोभाल ने पूर्वोत्तर भारत में सेना पर हुए हमले के बाद सर्जिकल स्ट्राइक की योजना बनाई और भारतीय सेना ने सीमा पार म्यांमार में कार्रवाई कर उग्रवादियों को मार गिराया। भारतीय सेना ने म्यांमार की सेना और एनएससीएन खाप्लांग गुट के बागियों सहयोग से ऑपरेशन चलाया, जिसमें करीब 30 उग्रवादी मारे गए हैं।

अब श्री डोभाल देश के सामने युद्घ के रूप में खड़ी एक बड़ी चुनौती का सामना करने के लिए भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का दायित्व सौंपकर पाकिस्तान को बहुत पहले यह स्पष्ट संदेश दे दिया था कि उसकी नीच हरकतों का सामना करने के लिए वह किन-किन लोगों को चुन-चुनकर आगे ला रहे हैं। श्री डोभाल की सेवाएं लेने का अर्थ था कि प्रधानमंत्री श्री मोदी उनसे कोई बड़ा कार्य कराने का मन बना चुके थे। श्री डोभाल ने विभिन्न चुनौतियों का जिस प्रकार सफलतापूर्वक सामना किया है, उनके दृष्टिगत देश उनसे कुछ विशेष कर गुजरने की अपेक्षा रखता है। इस समय पाकिस्तान को कूटनीतिक और रणनीतिक ढंग से घेरकर उसे सदा-सदा के लिए ऐसा पाठ पढ़ाने की आवश्यकता है कि जिससे वह भारत की ओर कभी देखने का साहस भी न कर सके। श्री डोभाल एक ऐसे अधिकारी हैं जो इस बार पाकिस्तान के लिए किसी वार्ता की मेज को सजने से पहले उसके शीशे को चूर-चूर करने की बौद्घिक क्षमता रखते हैं।

राकेश कुमार आर्य ( 1582 )

उगता भारत Contributors help bring you the latest news around you.