राजन ने अपनी आखिरी क्रेडिट पॉलिसी में नहीं किया ब्याज दर में बदलाव

  • 2016-08-09 12:15:00.0
  • उगता भारत व्यूरो

राजन ने अपनी आखिरी क्रेडिट पॉलिसी में नहीं किया ब्याज दर में बदलाव

नई दिल्लीः रिजर्व बैंक गवर्नर रघुराम राजन ने अपनी आखिरी पॉलिसी समीक्षा में किसी को नहीं चौंकाया. खुदरा महंगाई दर के 22 महीने के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचने के बीच नीतिगत ब्याज दर यानी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं. मतलब ये कि कर्ज पर ब्याज दरों में कमी नहीं होगी और आपकी ईएमआई नहीं घटेगी.

रेपो रेट वो ब्याज दर है जिसपर रिजर्व बैंक बहुत ही थोड़े समय के लिए बैंकों को कर्ज मुहैया कराता है. हालांकि इस कर्ज से बैंकों की नकदी की स्थिति में बहुत ज्यादा बदलाव नहीं होता. फिर भी इससे कर्ज और जमा पर ब्याज दर प्रभावित होती है और इसमें हुए फेरबदल के आधार पर काफी हद तक तय हो जाता है कि आपकी ईएमआई में कमी आएगी या नहीं. अभी रेट 6.5 फीसदी है. बीते साल जनवरी से लेकर रेपो रेट में कुल मिलाकर डेढ़ फीसदी यानी 150 बेसिस प्वाइंट की कटौती की जाती हैं, हालांकि बैंकों ने कर्ज पर ब्याज दरों में 70 बेसिस प्वाइंट्स की ही कटौती की है.

कारोबारी साल 2016-17 के लिए कर्ज नीति की तीसरी समीक्षा में रिजर्व बैंक ने महंगाई दर पर अपनी चिंता कायम रखी. बैंक की मानें तो मार्च 2017 तक खुदरा महंगाई दर 5 फीसदी के करीब रहने के आसार हैं. हालांकि इसके बढ़ने का खतरा बना रहेगा. बैंक के मुताबिक, सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर अमल से घर किराये के भत्ते में बढ़ोतरी का महंगाई दर पर कुछ असर देखा जा सकता है. महंगाई में फौरी तौर पर कमी आएगी या नहीं,ये इस बात पर निर्भऱ करता है कि खाद्य पदार्धों की कीमत पर मानसून की बेहतर चाल का क्या असर पड़ता है.

देश को एक बाजार में तब्दील करने वाली कर व्यवस्था जीएसटी को लेकर रिजर्व बैंक का कहना है कि इसे तय कार्यक्रम के मुताबिक लागू करना चुनौती है. लेकिन जिस तरह से जीएसटी से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक पारित हुआ, उससे आर्थिक सुधारों पर राजनीतिक सहमति बनने के आसार बढ़े हैं. बैंक की माने तो इसमें कोई शक नहीं कि जीएसटी लागू होने से निवेश पर आय बढ़ेगी और मध्यम अवधि में सरकार की माली हालत बेहतर होगी. बैंक ये भी मानता है कि जीएसटी से कारोबारी माहौल बेहतर होगा और अंत में इससे निवेश का माहौल बनेगा.

कर्ज व मौद्रिक नीति की तीसरी समीक्षा की खास बातें

-रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं. मौजूदा रेपो रेट – 6.5 फीसदी
-सीआरआऱ में कोई बदलाव नहीं. मौजूदा दर – 4 फीसदी
– मार्च, 2017 तक खुदरा महंगाई दर 5 फीसदी के करीब रहने के आसार, बढने का जोखिम
-महंगाई पर फौरी असर निर्भर करेगा कि मानसून की वजह से खाद्य पदार्थों की कीमत घटती है या नही
-सातवे वेतन आय़ोग की सिफारिशों पर अमल से घर किराये में बढ़ोतरी के आसार
-2016-17 के दौरान 7.6 फीसदी के विकास दर के अनुमान पर रिजर्व बैंक कायम
-जीएसटी से जुड़े विधेयक पारित होने से आर्थिक सुधारों पर राजनीतिक सहमति के बढ़े आसार
-तय कार्यक्रम के मुताबिक जीएसटी लागू करना चुनौती
-जीएसटी लागू होने से निवेश पर आय़ बढ़ेगी
-जीएसटी लागू होने से मध्यम अवधि में सरकार की वित्तीय स्थिति बेहतर होगी
-जीएसटी लागू होने से कारोबारी माहौल सुधरेगा, निवेश बढ़ेगा

Tags:    credit policy