प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त: रामकृष्ण तिवारी

मनीष पाण्डेय फैजाबाद, विधुत समस्या, किसानो की समस्या, महिलाओं पर हो रहे  ताबड़तोड़ अपराध, गिरती कानून व्यवस्था तथा अन्य जन विरोधी नितियों के विरोध में भाजपा ने प्रदेश सरकार के विरूद्ध हजारों की संख्या में तहसील परिसर के सामनें एक दिवसीय धरना कर महामहिम राज्यपाल को सम्बोधित 11सूत्रीय ज्ञापन उपजिलाधिकारी सदर को प्रेषित किया । […]

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हड़बड़ी में कहीं गड़बड़ न हो जाये

पुण्‍य प्रसून वाजपेयी लहलहाती फसल हो या फिर परती जमीन। जबरदस्त बरसात के साथ शानदार उत्पादन हो या फिर मानसून धोखा दे जाये और किसान आसमान ही ताकता रह जाये। तो सरकार क्या करेगी या क्या कर सकती है। अगर बीते 10 बरस का सच देख लें तो हर उस सवाल का जबाव मिल सकता […]

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उच्च शिक्षा को धंधे में बदलकर कौन सा पाठ पढ़ाए सरकार?

विश्व बाजार में भारत की उच्च शिक्षा है कमाई का जरिया पुण्‍य प्रसून वाजपेयी भारत की उच्च शिक्षा को दुनिया के खुले बाजार में लाने का पहला बड़ा प्रयास वाजपेयी की अगुवायी वाली एनडीए सरकार ने किया था। उस वक्त उच्च शिक्षा को डब्ल्यूटीओ और गैट्स के पटल पर रखा गया था और तभी पहली […]

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अब अनुच्छेद ३७० को लेकर छिड़ी नई बहस

  जम्मू कश्मीर में जब भी चुनाव होते हैं तो संघीय संविधान के अनुच्छेद ३७० का प्रश्न सदा प्रमुख रहता है । चुनाव चाहे लोक सभा के हों या विधान सभा के,अनुच्छेद ३७० का मुद्दा कभी ग़ायब नहीं होता । जम्मू और लद्दाख के लोगों ने तो इस अनुच्छेद को हटाने के लिये १९४८ से […]

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बंधु दिल्ली में कोई हमें घर देने को तैयार नहीं

पुण्‍य प्रसून वाजपेयी बंधु दिल्ली में कोई हमें घर देने को तैयार नहीं है। यह ना तो मुंबई की तर्ज पर किसी मुस्लिम का कथन है और ना ही घर ढूंढने वाले किसी बेरोजगार का। जिससे किराया मिलेगा या नहीं इस डर से मकान मालिक घर देने से इंकार कर दे। यह शब्द अरविन्द केजरीवाल […]

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नरेन्द्र मोदी की भूटान यात्रा का संकेत

कुलदीप चंद्र अग्निहोत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद अपनी विदेश यात्रा के लिये सबसे पहले भूटान को चुना । अपने देश की पुरानी परम्परा सबसे पहले या तो अमेरिका या फिर पश्चिमी देशों की ओर भागने की रही है ।

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स्वयं को छलती, देश को ठगती कांग्रेस

दिनेश परमारभारतीय राजनीति में जिस प्रकार की विकृति व विसंगति वर्तमान समय में उभर रही है वह ठिक तो कदापि नहीं, अव्यवहारिक व देश के लिए घातक भी है। राष्ट्रीय राजनीति के मुद्दों से लेकर पंचायत स्तर के चुनावों तक में उम्मीदवारों द्वारा कितनी बेतुकी व बेसिर-पैर की बयानबाजी की जाती है निकट समय के […]

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दागियों पर नकेल कसने का मोदी फरमान

पुण्‍य प्रसून वाजपेयी बीहड़ में तो बागी रहते हैं। डकैत तो पार्लियामेंट में होते है। याद कीजिये फिल्म पान सिंह तोमर के इस डायलाग पर खूब तालियां बजी थीं। और उसी दौर में जनलोकपाल को लेकर चले आंदोलन में सड़क पर ही संसद की साख को लेकर भी सवाल उठे । दागी सांसदो को लेकर […]

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हवाई किले और आम जनता

डॉ0 वेद प्रताप वैदिक  राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के मुंह से यह सुनकर कितना अच्छा लग रहा था कि यह ‘मेरी सरकार’ है। प्रणब दा के अलावा कोई और व्यक्ति नरेंद्र मोदी की सरकार को ‘मेरी सरकार’ कह देता तो इतना अजूबा नहीं होता। जो प्रणब दा पिछले चालीस साल से नेहरु परिवार के सिपाही थे, […]

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पीएम पद की ताकत से टकरा रहा है प्रचारक का आदर्शवाद

पुण्‍य प्रसून वाजपेयी आजादी के बाद पहली बार प्रचारक का आदर्शवाद प्रधानमंत्री की ताकत से टकरा रहा है। देखना यही होगा कि प्रचारक का राष्ट्वाद प्रधानमंत्री की ताकत के सामने घुटने टेकता है या फिर प्रधानमंत्री की ताकत का इस्तेमाल प्रचारक के राष्ट्रवाद को ही लागू कराने की दिशा में बढता है । नेहरु के […]

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