‘दोहन’ का उपाय ‘शोधन’ है

मोदी सरकार ने एन.जी.ओ. के विरूद्घ कठोरता का संदेश देकर उचित किया है या अनुचित, इस पर देश में बहस चल रही है। इसके लिए एक गैर सरकारी संगठन के विषय में यह जानना आवश्यक है कि वास्तव में यह होता क्या है? इसके लिए विद्वानों का मानना है कि समाज का चेहरा बदल देने […]

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लोकतंत्र की ह्त्या के बाद लगी थी इमरजेंसी!!!

26 जून 1975… यही वो तारीख है जब भारतीय लोकतंत्र को 28 साल की भरी जवानी में इमरजेंसी के चाकू से हलाल कर दिया गया। ये चाकू किसी सैन्य जनरल के नहीं, प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के हाथ में था। 1971 में बांग्लादेश बनवाकर शोहरत के शिखर पर पहुंचीं इंदिरा को अब अपने खिलाफ उठी हर […]

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न्याय विभाग के प्रति सरकार की उपेक्षापूर्ण नीतियां

जागेन्द्र सिंह त्यागी(ए.सी.जे.एम./सिविल जज)प्रत्येक समाज में व्यक्तियों के आचार-विचार, आचरण व प्रवृत्तियों में अंतर होना स्वाभाविक है। समाज में कुछ व्यक्ति सजग होते हैं, जबकि दूसरे कुछ व्यक्ति इसके विपरीत अपने कत्र्तव्य पालन में अत्यधिक लापरवाह, मिथ्याभाषी तथा दुष्प्रवृत्ति वाले होते हैं। समाज में कुछ व्यक्ति आपराधिक प्रवृत्ति के होते हैं, तो कुछ लालची प्रकृति […]

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सवाल काबुल पर कब्‍जे का है

डॉ0 वेद प्रताप वैदिक पिछले दस-बारह दिनों में पाकिस्तान में काफी हंगामा होता रहा लेकिन उसके साथ-साथ मेरी बातचीत कई केंद्रीय मंत्रियों, सांसदों, पार्टी-नेताओं, राजदूतों और फौजी जनरलों से होती रही। पत्रकारों से तो लगातार संवाद बना ही रहता है। दो-तीन संस्थानों में मेरे भाषण भी हुए, जहां अंतरराष्ट्रीय राजनीति के कई जाने-माने विशेषज्ञ उपस्थित […]

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खून में नहाया लाहौर

पाकिस्तान से डॉ. वेदप्रताप वैदिक मैं ने परसों लिखा था कि मियां नवाज़ शरीफ अब पाकिस्तान के महानायक बनने जा रहे हैं और पाकिस्तान को अब दुनिया के अन्य देश भी इज्जत की निगाह से देखने लगेंगे क्योंकि पाकिस्तानी फौज ने आतंकवादियों के खिलाफ अपनी कमर कस ली है। इस अभियान के कारण पाकिस्तान के […]

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मोदी मॉडल को नेहरु के समाजवाद के छौंक की भी जरुरत नहीं

पुण्‍य प्रसून वाजपेयी बात गरीबी की हो लेकिन नीतियां रईसों को उड़ान देने वाली हों। बात गांव की हो लेकिन नीतियां शहरों को बनाने की हो। तो फिर रास्ता भटकाव वाला नहीं झूठ वाला ही लगता है। ठीक वैसे, जैसे नेहरु ने रोटी कपड़ा मकान की बात की । इंदिरा गांधी ने गरीबी हटाओ का […]

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भ्रष्टाचारः चीन से कुछ सीखें

डॉ0 वेद प्रताप वैदिक हम लोग भारत में भ्रष्टाचार का रोना रोते रहते हैं लेकिन चीन इसमें भी हमारी मीलों आगे है। हमारी कई प्रांतीय सरकारें मिलकर जितना बड़ा भष्टाचार करती हैं, उससे बड़ा भ्रष्टाचार तो चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का एक अकेला अफसर कर देता है। अभी कुछ माह पहले चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की सर्वोच्च […]

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पाकिस्‍तान का आंखों देखा हाल

इस्‍लामाबाद से डॉ. वेदप्रताप वैदिक मुझे पाकिस्तान आए एक हफ्ता हो गया है। हम लोग आए थे, एक भारत-पाक संगोष्ठी में भाग लेने ताकि नरेंद्र मोदी और नवाज शरीफ ने जो पहल की है, उसे आगे बढ़ाया जा सके, लेकिन इस समय पाकिस्तान की राजनीति में अचानक दो बड़े तहलके मच गए हैं। एक तो […]

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इराक में भारतीयों की जान खतरे में

शेष नारायण सिंह इराक में जारी गृह युद्ध से भारत के लिए बहुत बुरी ख़बरें आ रही हैं. अभी जो बुरी खबर आयी है, वह भारत की पूरी सरकार का ध्यान खींच चुकी है. इराकी शहर मोसुल में ४० भारतीयों को अगवा कर लिया गया है. यह सभी भारतीय किसी प्रोजेक्ट पर काम करते थे, […]

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श्यामा प्रसाद मुखर्जी: हिंदुत्व के शिल्पकार

डॉ.श्यामाप्रसाद मुखर्जी महान शिक्षाविद, चिन्तक होने के साथ साथ भारतीय जनसंघ के संस्थापक भी थे, जिन्हें आज भी एक प्रखर राष्ट्रवादी और कट्टर देशभक्त के रूप में याद किया जाता है। 6 जुलाई, 1901 को कोलकाता  के अत्यन्त प्रतिष्ठित परिवार में जन्में डॉ? श्यामाप्रसाद मुखर्जी जी के पिता श्री आशुतोष मुखर्जी बहुमुखी प्रतिभा के धनी […]

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