इस क्रिकेटर की मां कैंसर से जूझ रही थी और वो करता रहा देश की सेवा

  • 2016-04-11 12:30:21.0
  • आशीष विकल

[caption id="attachment_26856" align="aligncenter" width="700"]कार्लोस ब्रेथवेट कार्लोस ब्रेथवेट[/caption]

नई दिल्ली। टी-20 विश्व कप फाइनल से पहले कैरेबियाई टीम क्रिस गेल, ड्वेन ब्रावो के नाम से पहचानी जाती थी, लेकिन फाइनल के बाद सभी की जुबां पर एक ही नाम था... कार्लोस ब्रेथवेट। इंग्लैंड के खिलाफ अंतिम ओवर में उनके लगाए चार छक्कों के बिना वेस्टइंडीज चैंपियन नहीं बन सकता था। जो जुझारूपन उन्होंने अंतिम ओवर में दिखाया, वह उन्हें अपनी जीवन के कठिन दिनों से सीखने को मिला।

कार्लोस के मुश्किल के दिनों को बहुत कम लोग जानते हैं। उनका अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण ऐसे समय हुआ जब उनकी मां कैंसर से जूझ रहीं थीं। वे मैच खेल रहे थे और मां की कीमोथैरेपी चल रही थी। वे अकेले में रोते थे, लेकिन मां को बताना नहीं चाहते थे। उन्होंने अपना सिर मुंडाया और तस्वीर मां को भेजी थी। वे बताना चाहते थे कि मां आपके साथ हूं। लेकिन मां खुश थी कि बेटा देश के लिए खेल रहा है।
रिहाना के दोस्त के रूप में पहचान :

कार्लोस ने पढ़ाई बारबाडोस से की, जहां उनके साथ स्कूल में रिहाना नाम की लड़की पढ़ती थी, जो अब दुनिया की मशहूर पॉप सिंगर है। टेस्ट क्रिकेट खेलने से पहले उनकी पहचान रिहाना के दोस्त के रूप में थी। अब रिहाना की पहचान उनकी गर्लफ्रेंड के रूप में होने लगी है।
क्रैग ब्रेथवेट से रिश्ता :

कार्लोस का क्रैग ब्रेथवेट से कोई पारिवारिक संबंध नहीं है। मगर दोनों का बचपन साथ गुजरा। दोनों ही क्रिकेटरों ने पढ़ाई साथ की और अब ये दोनों खिलाड़ी वेस्टइंडीज के लिए क्रिकेट खेलते हैं।
14 गुना ज्यादा में कीमत चुकाई दिल्ली ने :आईपीएल-9 की नीलामी के दौरान दिल्ली डेयरडेविल्स ने कार्लोस को उनके बेस प्राइस 30 लाख से 14 गुना ज्यादा देकर 4.2 करोड़ में खरीदा।
द्रविड़ है आदर्श :

कार्लोस के आदर्श खिलाड़ियों में मिस्टर भरोसेमंद भारत के राहुल द्रविड़ और केविन पीटरसन रहे हैं। वे द्रविड़ की रक्षात्मक शैली से काफी प्रभावित रहे।
क्रिकेट में पदार्पण :

ब्रेथवेट का जन्म 18 जुलाई 1988 को बारबाडोस में हुआ था। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय टी-20 क्रिकेट कॅरियर का आगाज 11 अक्टूबर 2011 को किया, 7 दिन बाद वन-डे में पदार्पण किया। टेस्ट क्रिकेट में कार्लोस ने अपना मैच 26 दिसंबर 2015 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला।
बल्ले का दम :

टी-20 विश्व कप फाइनल से पहले उनके बल्ले का दम सिर्फ 2015 के श्रीलंका दौरे पर अभ्यास मैच के दौरान दिखा था। जब श्रीलंकाई बोर्ड अध्यक्ष एकादश के खिलाफ कार्लोस ने 58 गेंदों में 113 रनों की पारी खेली थी।
पिता को बेटे की रिकॉर्ड पारी देखनी थी, इसलिए नहीं गए काम पर

कार्लोस के पिता चेस्टर फील्ड विश्व कप फाइनल वाले दिन वे काम पर नहीं गए, क्योंकि उन्हें महसूस हुआ कि वे आज एक इतिहास बनते देखने जा रहे हैं। टीवी पर नजर गड़ाए कार्लोस के पिता ने जब वेस्टइंडीज की महिला टीम को जीतते हुए देखा, तो उन्हें पूरा भरोसा हो गया था कि कैरेबियाई पुरुष टीम भी जीतेगी। पूर्व क्रिकेटर चेस्टर फाइनल का आखिरी ओवर खेलते जब कार्लोस को देख रहे थे तो उन्होंने खुद से कहा कार्लोस स्वीप शॉट ना खेले। उस वक्त घर के टीवी रुम में कार्लोस के पिता के साथ मां जॉयस्लिन और बहन शैंटेल भी मैच देख रहे थे।
(साभार : जागरण)

आशीष विकल ( 17 )

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