भारत ने विदेशी निवेश में चीन को पछाड़ा

  • 2016-04-22 10:15:17.0
  • उगता भारत ब्यूरो

विदेशी निवेश

नई दिल्ली। मेगा परियोजनाओं ने भारत को विश्व में ऊंचाई पर रखा है। ऐसे समय में जब विकास दर में कमी और महंगाई से देशों को जूझना पड़ रहा है। चीन के घटते विकास दर और विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआइ) में कमी के बावजूद एशिया प्रशांत ने अपने वैश्विक एफडीआइ के ताज को कायम रखा है। 2015 में विश्वभर में नई परियोजनाओं में निवेश का 45 फीसद इस क्षेत्र में हुआ। फायनेंशियल टाइम्स के डाटा के मुताबिक, पिछले साल एशिया प्रशांत क्षेत्र में नई निवेश परियोजनाओं में 3,883 विदेशी कंपनियां देखी गईं। हालांकि 2014 की संख्या की तुलना में पिछले साल सात फीसद की कमी हुई लेकिन भारत, इंडोनेशिया और पाकिस्तान में कुल पूंजी निवेश में 29 फीसद की बढ़ोतरी हुई।

कई वर्षों में पहली बार क्षेत्रीय एफडीआइ विकास में चीन पिछड़ गया। उसके पूंजी निवेश में 23 फीसद की कमी आई। रिपोर्ट के मुताबिक, नई परियोजनाओं में पूंजी निवेश के मामले में भारत का शीर्ष देश रहा।

2015 में भारत में ऐसी परियोजनाओं में 63 अरब डॉलर के एफडीआइ की घोषणा की गई। परियोजनाओं की संख्या आठ फीसद बढक़र 697 हो गई।

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