ऐसी बेटियों को सलाम

  • 2016-01-31 15:30:21.0
  • उगता भारत ब्यूरो

1 आदमी के 3 बेटे और 1 बेटी थी और विदेश में रहते थे  एक बार उनकी माँ  बहुत सिरियस बीमार हो गयी  उनके पिताजी अपने  पहले बेटे को फ़ोन किया बेटा तुम्हारी माँ बहुत बीमार है जल्दी से घर आजा बेटा बोला पापा मै 3 साल की ट्रेनिंग पर हूँ , कृप्या आप उन दोनो भाइयो को

फ़ोन करके बुला लो,  फिर पिता ने अपने दुसरे बेटे को फ़ोन किया तो

वो बोला मेरी पत्नी प्रेग्नेंट है  मै नहीं आ सकता ,  आप उन दोनों भाइयों को फोन कर के बुला लो , फिर बाप ने तीसरे बेटे को फ़ोन किया तो वो बोला मेरे तो इन्डिया आने के सिर्फ 3 महीने बाकी हैं , फिर ही आ पाउँगा

कृप्या आप उन दोनो भाइयों को फोन कर लो ,बाप रो पड़ा जिस मां बाप ने बैंक से लोन लेकर उन्हे विदेश भेजा

आज वो ही इंकार कर रहे हैं वे इतने हैं कि  मां तक को देखने नहीं आ सकता वो खुद को संभाल नहीं सकाdaughter

उसने फिर अपनी बेटी को फोन किया और मां के बारे में बताया बेटी रो पड़ी कहा पापा आप संभालिये अपने आप को मां को मैं और मेरा पति  अभी पहली बार से वहां पहुंच रहे हैं

आप टेंशन न लें, पिता अरे बेटा पर तेरे पति का क्या होगा  बेटी क्या पापा इस वक्त भी आप ऐसी बात कर रहे हो मां से ज्यादा क्या  काम जरूरी है क्या बस आप खुद को संभालो आप मां को संभालो मैं भी प्रार्थना करती हूं भगवान से वो मां को जल्दी ठीक कर देगा।

सब अच्छा ही होगा पापा।।।

ख्याल रखना ....

बाप सोचने लगा यही है  आज का युग हम बेटा मांगते हैं बेटी नहीं पर आज बेटों ने आने से  मना किया जिनके लिए लोन लिया जिनकी हम किश्तें भर रहे हैं और  बेटी जिसे हमनें कभी मान नहीं दिया सम्मान ना दिया वो अपने सभी काम छोडक़र  पति के साथ उसके काम काज व बिजऩेस की परवाह न करके अपने पति के साथ सिर्फ मां के लिए आ रही है बाप फिर से रो पड़ा कहा बेवकूफ हैं वे लोग जो बेटे की इच्छा रखते हैं हर तकलीफ में सिर्फ बेटियाँ ही वक्त पे काम आती हैं ये प्यारी बेटियाँ ये दुलारी बेटियाँ मां बाप का गुरूर हैं ये बेटियाँ मेऱा और मेंरे ग्रुप की तरफ से

सभी बेटियों को सलाम...

प्रस्तुति : राकेश कुमार आर्य (बागपत)